UNEMPLOYMENT ALLOWANCE SCHEME: राज्य सरकार ने राज्य के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को और ज्यादा प्रभावी बना दिया है। बढ़ती बेरोजगारी और नौकरी की तलाश में हो रही परेशानियों को देखते हुए इस योजना का दायरा वर्ष 2025 में बढ़ाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इसका लाभ मिल सके। यह योजना उन युवाओं के लिए राहत बनकर आई है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार नहीं पा सके हैं।
योजना का उद्देश्य क्या है ?
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अस्थायी आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के रोजगार खोज सकें या खुद को स्किल ट्रेनिंग के जरिए बेहतर बना सकें। सरकार का मानना है कि थोड़ी आर्थिक मदद से युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
अब ग्रेजुएट युवाओं को भी मिलेगा लाभ
पहले इस योजना का लाभ केवल 12वीं पास बेरोजगार युवाओं को दिया जाता था। लेकिन 2025 में सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय से स्नातक (Graduate) युवाओं को भी पात्र बना दिया है। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को भी राहत मिलेगी, जो डिग्री होने के बावजूद नौकरी नहीं पा सके हैं।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता
- इस योजना के तहत पात्र युवाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- यह राशि अधिकतम 2 साल तक मिलती है।
- एक साल में कुल ₹12000 मिलते हैं।
- दो साल में कुल ₹24000 तक की मदद मिल सकती है।
यह पैसा युवाओं को नौकरी खोजने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, ट्रेनिंग लेने या रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
पात्रता की शर्तें जान लें
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं –
- आवेदक की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच हो।
- आवेदक बेरोजगार हो और किसी पढ़ाई या नौकरी में शामिल न हो।
- बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- किसी अन्य सरकारी भत्ता, स्कॉलरशिप, लोन या स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ न ले रहा हो।
- सरकारी या निजी नौकरी में न हो और न ही कोई खुद का व्यवसाय करता हो।
स्किल ट्रेनिंग है जरूरी
इस योजना के अंतर्गत युवाओं को बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग करना अनिवार्य है, जिसे श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। ट्रेनिंग पूरी करने और प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही अंतिम 5 महीनों का भत्ता दिया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की जरूरत होगी
आधार कार्ड
10वीं और 12वीं की मार्कशीट
निवास प्रमाण पत्र
भरा हुआ कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना 2025 बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए न सिर्फ आर्थिक सहारा है, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का एक मजबूत अवसर भी है। अगर आप भी पात्र हैं, तो समय रहते आवेदन कर इस योजना का लाभ जरूर उठाएं।