Madhya Pradesh Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना नए साल में एक बार फिर सुर्खियों में है , मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया बयान के बाद प्रदेश की करीब 1 करोड़ 28 लाख लाड़ली बहनों की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि यह योजना सिर्फ जारी ही नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में इसकी राशि को और बढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि अब लक्ष्य 3 हजार नहीं, बल्कि 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का रखा गया है।
2025 में लाड़ली बहनों को मिला फायदा
साल 2025 लाड़ली बहनों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय शुरू हुई इस योजना को मोहन यादव सरकार ने न सिर्फ आगे बढ़ाया, बल्कि इसमें लगातार सुधार भी किए। नवंबर 2025 से योजना की राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद अब लाभार्थी महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। इसके अलावा भाईदूज के मौके पर बहनों को यह बढ़ी हुई राशि एक तरह के तोहफे के रूप में मिली।
नए साल में किस्त कब आएगी?
सरकार की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि जनवरी 2026 की किस्त 10 जनवरी तक लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे नए साल की शुरुआत महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से राहत भरी रहने वाली है। सरकार का कहना है कि समय पर किस्त पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है।
3 हजार से 5 हजार रुपये तक का सफर
- लाड़ली बहना योजना की शुरुआत 1000 रुपये प्रतिमाह से हुई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने संकेत दिए थे कि भविष्य में इसे 3 हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाया जाएगा। चुनाव के बाद राशि पहले 1250 रुपये और फिर 1500 रुपये कर दी गई।
- अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में दिए बयान में कहा है कि सरकार का इरादा इस योजना को यहीं रोकने का नहीं है। 2028 तक लाड़ली बहनों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस बयान के बाद योजना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
विपक्ष के सवाल और सरकार का जवाब
कांग्रेस लगातार सरकार से सवाल करती रही है कि 3 हजार रुपये प्रतिमाह देने का वादा कब पूरा होगा। साथ ही यह आशंका भी जताई जाती रही कि कहीं योजना को बंद न कर दिया जाए। इन सवालों पर सरकार ने साफ कहा है कि योजना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि इसे और मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री के बयान को विपक्ष के सवालों का सीधा जवाब माना जा रहा है।
सरकार पर बढ़ता आर्थिक दबाव
हालांकि इस योजना का दूसरा पहलू भी है। लाड़ली बहना योजना पर सरकार अब तक 44,917 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है। 1250 रुपये से 1500 रुपये करने के बाद सरकार पर हर महीने करीब 1859 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
वर्तमान में मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज 4.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 का कुल बजट 4.21 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इस योजना को राज्य की आर्थिक सेहत के लिए चुनौती बता रहे हैं।
मंत्री का बयान बना चर्चा का विषय
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बजट की हालत खराब होने की एक बड़ी वजह चुनावी मजबूरियों में की गई घोषणाएं हैं, जिनका सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ता है। हालांकि सरकार का आधिकारिक रुख यही है कि लाड़ली बहना योजना को बोझ नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश माना जाए।