EPFO New Guidelines: कर्मचारियों की सैलरी से कटने वाले पेंशन योगदान को लेकर लंबे समय से असमंजस बना हुआ था। खासतौर पर यह सवाल कर्मचारियों को परेशान करता रहा कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत उनके खाते में सही रकम जमा हो रही है या नहीं। अब इस चिंता को दूर करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
EPS से जुड़ी गड़बड़ियों पर EPFO का बड़ा कदम
EPFO ने अपने नए सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि अगर किसी कंपनी या नियोक्ता की गलती से पेंशन योगदान गलत खाते में चला गया है, तो उसे कैसे ठीक किया जाएगा। संगठन ने माना है कि कई मामलों में नियोक्ताओं से चूक हुई है, जिससे कर्मचारियों के पेंशन रिकॉर्ड पर असर पड़ने का खतरा था।
सामने आईं दो बड़ी गलतियां
EPFO के मुताबिक, नियोक्ताओं की ओर से मुख्य रूप से दो तरह की गलतियां देखने को मिली हैं। पहली गलती यह रही कि ऐसे कर्मचारियों के EPS खाते में पेंशन राशि जमा कर दी गई, जो पेंशन योजना के पात्र ही नहीं थे। दूसरी गलती उन कर्मचारियों से जुड़ी है, जो EPS के हकदार थे, लेकिन उनका पेंशन योगदान गलती से PF खाते में जमा हो गया।
गलत खाते में जमा रकम होगी ठीक
EPFO ने साफ किया है कि अगर किसी अयोग्य कर्मचारी के EPS खाते में पैसा जमा हुआ है, तो उस रकम की दोबारा गणना की जाएगी। ब्याज जोड़कर पूरी राशि सही PF खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही, गलती से जोड़ा गया पेंशन सर्विस पीरियड भी रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
पात्र कर्मचारियों को मिलेगा पूरा लाभ
वहीं, जिन कर्मचारियों का EPS योगदान गलती से PF खाते में चला गया था, उनके मामले में ब्याज सहित सही राशि EPS खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा, उनका पेंशन सर्विस पीरियड भी अपडेट किया जाएगा, जिससे रिटायरमेंट के समय पेंशन से जुड़ी किसी तरह की दिक्कत न आए।
कर्मचारियों को नहीं होगा नुकसान
EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर इस दौरान कोई नॉन-कंट्रीब्यूटरी पीरियड (NCP) सामने आता है, तो उसका भी उचित एडजस्टमेंट किया जाएगा। संगठन ने भरोसा दिलाया है कि इन सुधारों से कर्मचारियों को किसी भी तरह का वित्तीय नुकसान नहीं होगा।
क्यों है यह फैसला अहम
सही EPS रिकॉर्ड रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभों के लिए बेहद जरूरी होता है। EPFO की नई गाइडलाइंस से न केवल पेंशन रिकॉर्ड दुरुस्त होंगे, बल्कि कर्मचारियों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह फैसला लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।