UP School Holiday: उत्तर प्रदेश में ठंड और घने कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के चलते आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं। ताजा मामला हरदोई जिले का है, जहां जिलाधिकारी ने कक्षा एक से आठवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
हरदोई में 26 दिसंबर तक स्कूल बंद
हरदोई के जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कक्षा एक से आठवीं तक के सभी स्कूल 26 दिसंबर 2025 तक बंद रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि अत्यधिक ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के कारण छात्रों को विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। यह आदेश सभी बोर्डों के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
शिक्षकों को स्कूल में रहना होगा
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के लिए अवकाश रहेगा, लेकिन शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहकर आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को पूरा करना होगा। जिला प्रशासन ने निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की बात भी कही है।
अन्य जिलों में भी बदला स्कूलों का संचालन
हरदोई से पहले वाराणसी में जिलाधिकारी ने कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूलों में कक्षाएं स्थगित करने का आदेश जारी किया था। वहीं राजधानी लखनऊ में ठंड को देखते हुए प्री-प्राइमरी और नर्सरी तक के स्कूल 24 दिसंबर से 27 दिसंबर तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लखनऊ में कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों का समय भी बदल दिया गया है। अब इन कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा है।
गोंडा और शाहजहांपुर में भी राहत
गोंडा जिले में भी कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। वहीं शाहजहांपुर में प्री-प्राइमरी तक के स्कूल 26 दिसंबर को बंद रहेंगे। इसके अलावा शाहजहांपुर में कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक कर दिया गया है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी स्कूलों को लेकर नए आदेश जारी किए जा सकते हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर बनाए रखें।